Midnight Poets Quest ~ Special Selections Entry 3

inkblood contest_critics choice_wordpress 3

ड्रैगनफ्लाई

बचपन के सुने आंगन की चारदीवारी में
दो कौतुहल आँखों से उम्मीद को उतरते देखा,
पारदर्शी पंखो से सजे, किसी परीलोक के दूत सा
कुछ रंगीन किरणों की चमक आँखों में बसा
एक अल्हड़ बेल की छोर पे जा बैठा ड्रैगनफ्लाई
किलकारी की छ्टा सी बिखर गयी बादलों में
इन्द्रधनुष के तार भी छेड़ गया खयाली, फिर …
भाग छू लेना चाहा था मैंने, मेरे बचपन को …

By Mr. Amit Sinha

 

Advertisements